यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग: स्लीपर बस में आग लगने के दौरान ड्राइवर ने चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया

Sep 25, 2026 - 12:16
 0  1
यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग: स्लीपर बस में आग लगने के दौरान ड्राइवर ने चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया

ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात लगभग 30-35 यात्रियों को ले जा रही एक स्लीपर बस में आग लग गई, जिसमें एक महिला और आठ पुरुषों सहित नौ लोगों की मौत हो गई।

यात्री सुनील कुमार की शिकायत पर दर्ज FIR के अनुसार, यात्रियों को सबसे पहले रात करीब 11:30 बजे ड्राइवर के केबिन के पास जलने की गंध महसूस हुई, जब बस नोएडा-आगरा रूट पर 33वें किलोमीटर के पास थी।

आरोप है कि यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को आगाह किया, लेकिन ड्राइवर ने उनकी चिंताओं को यह कहकर खारिज कर दिया कि बस में ऐसी गंध आम बात है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ड्राइवर ने जांच के लिए गाड़ी नहीं रोकी और ड्राइवर व कंडक्टर केबिन में धूम्रपान करते रहे।

कुछ ही देर बाद, ड्राइवर की सीट के पास आग की लपटें उठने लगीं। जब यात्रियों ने चिल्लाना शुरू किया और ड्राइवर से बस रोकने की बार-बार गुहार लगाई, तो FIR के अनुसार ड्राइवर और कंडक्टर हंसे और बस रोकने से इनकार कर दिया।

शिकायत में आरोप है कि उन्होंने यात्रियों से कहा, "जाओ मरो, हम बस नहीं रोकेंगे।"

आग तेजी से पूरी गाड़ी में फैल गई और यात्री कंपार्टमेंट घने धुएं से भर गया। बस रुकने के बाद कई यात्री कूदकर बाहर निकलने में कामयाब रहे, जबकि अन्य अंदर ही फंस गए।

FIR के अनुसार, कई घायल यात्रियों को जेवर के कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने नौ लोगों को मृत घोषित कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने अफरातफरी के दृश्यों का वर्णन किया क्योंकि यात्री धुएं के बीच से निकलने के लिए संघर्ष कर रहे थे। एक यात्री ने बताया कि वह बस के पिछले हिस्से में सो रहा था, तभी किसी ने उसे जगाया और आग के बारे में आगाह किया।

एक अन्य यात्री, रिंकी राजपूत ने बताया कि वह बिना जूते पहने ही, सिर्फ अपना फोन लेकर बाहर निकलीं। उन्होंने याद किया कि बाहर निकलने की कोशिश में यात्री घबराहट में एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे।

दो ड्राइवर और कंडक्टर हिरासत में

पुलिस ने घटना के सिलसिले में दो ड्राइवरों और एक कंडक्टर को हिरासत में लिया। उनकी पहचान पवन कुमार, योगेश दीक्षित और रोहित के रूप में हुई, जो सभी कानपुर के रहने वाले हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, पवन कुमार और योगेश दीक्षित ड्राइवर थे, जबकि रोहित कंडक्टर था।

बस के रजिस्ट्रेशन और संचालन पर सवाल

हादसे के बाद सामने आई जानकारी से बस के रजिस्ट्रेशन और संचालन पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि बस का मालिक मध्य प्रदेश के छतरपुर का रहने वाला है और बस का संचालन 'राज कल्पना ट्रैवल्स' करती थी।

यह बस बिहार के मधुबनी ज़िले के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में रजिस्टर्ड थी और कश्मीरी गेट (नई दिल्ली) से महोबा के रूट पर चलती थी।

FIR में लगाए गए आरोपों—जिनमें यात्रियों की चेतावनी के बावजूद बस न रोकने की बात भी शामिल है—की जांच की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow